चिड़िया vegan बनना चाहती है

नन्ही सी चिड़िया vegan बनना चाहती है,सुना है कि कीड़े खाने से warming बढ़ती जाती है,चावल में तो carb है, slim रहने का ख्वाब है,Cult से मंगवा नहीं सकती, बाप भी न‌ कोई नवाब है,lentil पड़ोसी के पास है मगर उनके Ally कोई और है,United nests में जाएं, मगर वहां भी trade war है,दूर जाकर… Continue reading चिड़िया vegan बनना चाहती है

नींद

आज भी आने में देर कर दी तुमने काफ़ी,रात रात भर कहां रहती हो, बताओ,परसों पूरी रात मैंने इंतज़ार में काटी मैंने,मेरा हाल क्या होगा, यह खयाल नहीं आया? भूल गई क्या वो सारी राते,बातें तो नहीं होती थी, फिर भीमुझे कितना अच्छे से जानती थी,शाम का ढलना, तुम्हारा चुपके से नजदीक आ जाना,पीछे से… Continue reading नींद

भिजवा देना

हेलो… इससे पहले कि तुम गुस्सा हो,हां, मालूम है कॉल करना मना था,शब्दशः याद है अब तक, जो तय हुआ था, “आज से तुम्हारे सारे गिले तुम्हे ही मुबारक,मेरे शिकवे अब सिर्फ मेरे हुए,ना मैं तुम्हें पुकारूंगा, ना तुम मुड़कर देखोगी,सारे तोहफे खैरात में बांटे जाएंगे,उन रेसटोरेंट्स किसी के भी साथ नहीं जाए जाएंगे,पीली हो… Continue reading भिजवा देना

धरती

कभी कभी मैं यह सोचता हूं,शायद वह कैसे हुआ होगा? शायद वह बारिश ही होगी,जब वह ज़ूम उठी होगी,हरियाली सी‌ छा गई होगी,मुस्कान भी हल्की सी आ गई होगी। जब धरती से ही पाया हुआ अम्रत,धरती ने महिनों बाद वापस पाया होगा,उन सूखे से महिनों में कैसे अंबर नेज़मीं को अपना प्यार जताया होगा ?… Continue reading धरती

मछली

अब खूनी तो मत कहो, उड़ना था उसे,मैंने बस थोड़ी हवा की सैर करवाई थी। बड़ी ही ख़ूबसूरत थी, चंचल भी थी थोड़ी,नामुमकिन नहीं था कुछ भी उसके लिए,बताया था उसने की घूमना पसंद है उसे,और काफी जगह घूम चुकी है पहले से । बस हवा की सैर करना था उस एक बार,काश बता दिया… Continue reading मछली